ज़ाहिद खान, एडिटर इन चीफ़

स्टेड डेस्क- समाज में संस्कार और सेवा का राग अलापने वाले जनप्रतिनिधि जो करें सो कम है. महिला दिवस पर महिलाओं को अधिकार दिए जाने उन्हें सम्मान देने, उन्हें अधिकार देने की बातें तो बहुत करते हैं, लेकिन इन सफेदपोशों के गिरेबान में दाग धब्बों की कमी नहीं होती…? हम यह बात हर किसी जनप्रतिनिधि के लिए नहीं कर रहे हैं …. बल्कि उनके लिए कर रहे हैं जो सेवा और समर्पण के इस पेशे की आड़ में बदनाम करने का काम कर रहे हैं…..!
छिंदवाड़ा में एक विशेष राजनीतिक दल के व्हाट्सएप ग्रुप में ऐसे ही एक डर्टी लीडर ने अश्लील वीडियो सेंड करके इस बात को चरितार्थ कर दिया है, और ऐसे ही तथाकथित जनप्रतिनिधियों की करतूत के चलते समाज में सेवा समर्पण वाले जनप्रतिनिधि भी बदनाम होते हैं।
दरअसल सूचना और संचार के क्षेत्र में एक बड़ी सुनामी के रूप में सोशल मीडिया हावी हुआ है. इस माध्यम से सूचनाओं का बहुत तीव्र गति से आदान-प्रदान संभव हुआ है . इसी दृष्टिकोण के चलते एक राजनीतिक दल के वरिष्ठ नेता ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जिसमें वे स्वयं तो एडमिन हैं ही साथ ही तीन अन्य युवा और बुजुर्ग जनप्रतिनिधि भी इस ग्रुप के एडमिन है. समाज की बुराइयों को खत्म करने के लिए सड़कों पर आंदोलन करने वाले यह नेता जी भूल गए कि हमारे ही बीच में समाज को गंदा करने वाली बुराई रूपी डर्टी लीडर को हमने इस ग्रुप में जोड़ रखा है. चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रुप बनाने के बाद शहर की प्रतिष्ठित परिवार की एक महिला नेत्री को भी इस ग्रुप में जोड़ लिया गया और उन्हें ग्रुप में जोड़ने से पहले बताया भी नहीं गया और ना ही पूछा गया. अब चुकी वरिष्ठ नेता ने यह ग्रुप बनाया है इस लिहाज से महिला नेत्री को भी आपत्ति नहीं हुई, लेकिन उस समय उन्हें एतराज हुआ जब ग्रुप में शामिल एक डर्टी लीडर ने अश्लील वीडियो ग्रुप में सेंड कर दिया. फिर क्या था इन्हें अंदाज नहीं है नारी की शक्ति का . ऐसी गंदी मानसिकता रखने वाले तथाकथित जनप्रतिनिधि को अब इस महिला नेत्री के रूद्र रूप का भी सामना करना पड़ रहा है. महिला नेत्री ने इस संबंध में पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई है और कार्यवाही की मांग की है।

अब क्यों घबराए हो नेता… जी.?
अब जब महिला नेत्री ने इस अश्लील वीडियो और डर्टी लीडर को सीखचों के पीछे पहुंचाने का संकल्प ले लिया है तो वरिष्ठ नेता सहित अन्य जो एडमिन है वह भी घबराए हुए हैं. इस स्थिति में भी लगातार प्रयास कर रहे हैं कि यहां मामला बगैर पुलिस के डंडे के सुलझ जाए. किंतु आसार ऐसे दिखते नहीं हैं क्योंकि महिला नेत्री ने इसके एवज में डर्टी लीडर से सार्वजनिक माफी मंगवाने की शर्त रखी है. शर्मनाक बात तो यह है कि इतना होने के बावजूद भी वरिष्ठ जनप्रतिनिधि अश्लील वीडियो डालने वाले डर्टी लीडर को बचाने का भरपूर प्रयास करने में जुटे हुए हैं. बताया जाता है कि यह डर्टी लीडर छिंदवाड़ा के एक कद्दावर नेता के भाई का अभिन्न मित्र है. बाहरहाल ऐसा कृत्य करने वाला कोई भी हो उसे बचाने की अपेक्षा महिला हित में सजा दिलवाने और उसके अंदर के राक्षस को खत्म करने की जरूरत है. अब देखना यह है कि महिला सम्मान और उनके अधिकारों की बात करने वाले यह जनप्रतिनिधि महिला के सम्मान में महिला नेत्री का साथ देते हैं या फिर अपने अंदर अश्लीलता लिए फिरने वाले डर्टी लीडर का साथ देते हैं ? यह अब समय ही बताएगा…..।

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