स्टेट डेस्क /छिन्दवाड़ा- देश और प्रदेश सहित जिले के किसानो की लेह-लहाती फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले खरपतवार और कीट किसानों के जानी दुश्मन होते हैं। जिनसे निपटने के लिए किसान जी तोड़ मेहनत करता है। कई किस्म की दवाओं का इस्तेमाल करता है, लेकिन इसके बाद भी यह कीट और खरपतवार फसलों को कहीं ना कहीं प्रभावित कर ही देते हैं। जिससे किसानों को फसल का ना तो औसत मिल पाता है और ना ही सही मुनाफा… इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए गोदरेज एग्रोवेट किसानों के इस जानी दुश्मन से लड़ने मैदान में उतर गया है..!

जी हां गोदरेज के द्वारा जापान की कंपनी से अनुबंध कर कीटनाशक और खरपतवार लॉन्च किया गया है। जिसे इस्तेमाल करने पर किसानों को इस भयंकर समस्या से मुक्ति मिलेगी। इसको लेकर आज छिंदवाड़ा में गोदरेज एग्रोवेट के द्वारा पत्रकार वार्ता आयोजित कर जानकारी दी गई। जिसमें उन्होंने बताया कि गोदरेज आशिटाका नाम की खरपतवार दवा लॉन्च की गई है इसके इस्तेमाल से घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है। वहीं गोदरेज ताकाई नाम की कीटनाशक दवा बाजारों में उतर गई है। इसके इस्तेमाल से कीट की समस्या से किसानों को राहत मिलने वाली है…

जानकारी देते हुए कंपनी के GM अनिल चौबे ने बताया कि यह दोनों कीटनाशक और खरपतवार नाशक दवा, मक्का किसानों के लिए एक दूसरे के पूरक समाधान करेंगे। लॉन्च के बाद भी आने वाले महीना में किसानों के लिए कई डेमो आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसान इससे अनुभव प्राप्त कर फसलों को बचा सकें। उन्होंने बताया की कंपनी द्वारा छिंदवाड़ा में किसानों को इन उत्पादों के इस्तेमाल के डेमो और अन्य फायदे बताए गए। जिसमें 1000 से अधिक किसानों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इन उत्पादों का लॉन्च मध्य प्रदेश के प्रमुख मक्का उत्पादक जिलों में से एक छिंदवाड़ा में यह कार्यक्रम हुआ, साथ ही जिले के लगभग 2500 से अधिक फील्ड डेमो विभिन्न क्षेत्रों में किए गए हैं और भविष्य में इस तरह के डेमो लगातार किए जाएंगे। इधर कंपनी के सीईओ एन के राजावेलु ने बताया कि गोदरेज एग्रोवेट में हमारा फोकस रिसर्च आधारित समाधान विकसित करना है जो खेती की वास्तविक चुनौतियों का समाधान करे और यह दवाएं किसानों को प्रभावी और भरोसेमंद फसल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने में काफी सार्थक साबित होगी।

केवल 50 ग्राम दवा 1 एकड़ में छिड़काव…
कंपनी के पदाधिकारी ने बताया कि गोदरेज कि यह दवाएं खरपतवार और कीट प्रबंधन के लिए काफी सार्थक साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि 50 ग्राम खरपतवार दवा का इस्तेमाल एक एकड़ में होगा। इसके इस्तेमाल से मक्का के पौधे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। पौधा हरा और लह लहाता हुआ विकसित होगा। यह कीटनाशक और खरपतवार, केवल कीट और खरपतवार को ही नष्ट करती है। उन्होंने बताया की गोदरेज एग्रोवेट वैश्विक स्तर की कंपनी है जिसके भरोसे पर भारतीय किसानों तक पहुंच कर खेती को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने में इन दोनों उत्पादों का की अहम भूमिका रहेगी… निश्चित रूप से यह उत्पाद किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं… हालांकि अन्य कंपनियों की तरह ही इस कंपनी ने यह दावे किए हैं, ये दावे कितने सार्थक साबित होंगे यह भविष्य में साफ हो जाएगा…

KBP NEWS.IN
…जाहिद खान
9425391823

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