ज़ाहिद खान, एडिटर इन चीफ़ 9425391823
स्टेड डेस्क– अचानक सायरन बंद हुआ और बाहर सड़क पर कुछ हलचल होने की आवाज सुनाई दी।
खिड़की का पर्दा हटाकर देखा तो मोहल्ले में कुछ पुलिस ऑफिसर आए हुए थे। कुछ ही देर में बहुत सारे उम्मीद भरे चेहरे उन पुलिस ऑफिसर्स के आसपास जुटना शुरू हो गए। माजरा समझने मैं घर से बाहर आना चाहता था, लेकिन लॉक डाउन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के चलते मेरे कदम घर में ही रुके रह गए। हमेशा रौबदार और कड़क मिजाज़ नजर आने वाले पुलिस ऑफिसर्स के चेहरे पर अपनत्व की मुस्कान तैर रही थी। खिड़की से मैं देखता हूं कि जो जरूरतमंद वहां कुछ पाने की आस लगा कर आए थे। उन हाथों में पुलिस ऑफिसर बड़े स्नेह और सम्मान से उनकी रोजमर्रा की जरूरतों का सामान थमाया। साथ ही लॉक डाउन का पालन करने की चेतावनी देने के साथ साथ सोशल डिस्टेंसिंग के लिए आगाह भी किया। बाद में अपने कुछ पत्रकार मित्रों से पता चला कि आज शहर में पुलिस की ओर से जरूरतमंदों को रोजमर्रा की जरूरत के सामान मुहैया कराए जा रहे हैं। सीएसपी अशोक तिवारी अपनी टीम के साथ आमजन के लिए बड़ी तादाद में जीवन उपयोगी सामग्री लेकर सारे शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर अपने चेहरे पर अपनत्व की मुस्कान लिए अपने हाथों से ज़रूरत मंद लोगो को वितरित कर रहे है।


मप्र पुलिस की टैगलाइन है “देश भक्ति – जन सेवा”…

ज़रूरतमंदों में खाद्यान्न वितरण कराते sdop अशोक तिवारी और उनकी पुलिस टीम


इस टैग लाइन को सैंकड़ो हजारों बार अपने पूरे जज्बे और जोश से पुलिस ने फलीभूत भी किया है।
मैंने पेशेवर पत्रकारिता करते हुए बहुत नजदीक से देखा और महसूस किया है कि पुलिस किस तरह दिन रात आमजन की सुरक्षा में लगी रहती है।
लेकिन इस आपदा के दौर में पुलिस ने जिस तरह आमजन की सेवा का बीड़ा उठाया है, वह वाकई काबिले तारीफ है।
देश में अक्सर कई स्थानों पर अलग-अलग तरह की प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं उन प्राकृतिक आपदाओं में पुलिस आमजन की सुरक्षा के साथ-साथ सेवा में भी तत्पर रहती है।
संभवत छिंदवाड़ा जिले में पहली बार इस तरह की कोई आपदा आई है। इस कठिन विपदा के दौर में पुलिस ने जिस खूबसूरती के साथ अपनी भूमिका अदा की और अपने फर्ज को बख़ूबी अंजाम दिया उसके लिए मेरे ख्याल में दुनिया की किसी भी किताब में ऐसे कोई शब्द नहीं है जिससे उनकी तारीफ पूरी हो जाए।
पुलिस के ही साए में हम निर्भीकता से अपना जीवन जीते हैं। पुलिस का ही हम पर सरमाया है कि आज हम खुद को महफूज़ महसूस करते हैं।
मुझे याद है करीब 15 वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश पुलिस के लिए एक स्लोगन चर्चा में आया था।


“सिर्फ वर्दी ही नहीं हमदर्दी भी”
कई बार अखबारों और टीवी के समाचारों के जरिए उस स्लोगन को साकार करती हुई कहानियां पढ़ा और देखा करते थे, लेकिन कोरोना संकट के इस दौर में मध्य प्रदेश पुलिस के जवानों और आफिसर्स ने उस स्लोगन को अक्षरंश: चरितार्थ कर दिया है।
देश और देश की जनता के प्रति सुरक्षा की खातिर अपनी प्राणों की की बाजी लगा देने वाले पुलिस के जवानों के इस जोश, जज्बे और जुनून को सादर नमन, वंदन, अभिनन्दन। 🙏

सादर शुभ कामनाओं सहित

लेखक
रिज़वान कुरैशी, जिला अध्यक्ष
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा और वरिष्ठ पत्रकार हैं
   
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