स्टेड डेस्क- शासकीय दफ्तरों में महिलाओं की भागीदारी को लेकर शासन और सत्ता दोनों वाहवाही लूटते हैं वहीं शासन और सत्ताशीनो की अनदेखी के चलते कुछ शासकीय दफ्तरों में महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं उजागर हो रही हैं… ऐसे में यदि समय रहते शासन के आला अधिकारी एवं महिलाओं के सशक्तिकरण के नाम पर अपनी नेतागिरी चमकाने वाले इस ओर ध्यान नहीं देते हैं तो पीड़ित महिला कर्मचारी मजबूर होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाने विवश होती हैं …?

ऐसा ही एक शर्मनाक मामला छिंदवाड़ा का उजागर हुआ है जहां इस बार एक आदिवासी महिला कर्मचारी आत्महत्या करने को मजबूर की जा रही है….? यह मामला छिंदवाड़ा वन वृत्त अंतर्गत छिंदवाड़ा रेंज ऑफिस मैं कार्यरत महिला कर्मचारी का है जिन्हें अपने ही रेंजर की अश्लील छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ रहा था जिससे त्रस्त होकर आदिवासी महिला कर्मचारी ने रेंजर की अश्लील करतूतों की शिकायत लिखित रूप से छिंदवाड़ा एसपी एवं अपने आला अधिकारियों को दी… किंतु यह शिकायत करना उनके लिए आत्महत्या करने का सबब बनता जा रहा है ..? उन्होंने आज मध्य प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखा है, यह पत्र अपने आप में गंभीर और चिंताजनक है…! उन्होंने इस पत्र में आपबीती बयान की है साथ ही पुलिस एवं प्रशासनिक तथा वन विभाग के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है …? आदिवासी महिला कर्मचारी ने जो पत्र राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा है साथ ही एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. हम उसे यहां अक्षरशा: बगैर किसी एडिटिंग के आपको पढ़ा रहे हैं….
छिंदवाड़ा -पूर्व वन मंडल छिंदवाड़ा के वन परिक्षेत्र अधिकारी सुरेंद्र सिंह राजपूत द्वारा मेरे साथ किए गए अश्लील व्यवहार एवं छेड़छाड़ की शिकायत उच्च अधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षक कलेक्टर महोदय को किए जाने के बाद गठित की गई परिवाद जाँच समिति के समक्ष उपस्थित होने पर मुझसे 3:30 घंटे अनावश्यक बातें पूछी गई और मुझ पर समिति की दो महिला सदस्यों और एक पुरुष सदस्य द्वारा यह दबाव बनाया गया कि प्रकरण में समझौता कर लो और हम आपका 3 माह का अवकाश स्वीकृत करा देते हैं मेरे द्वारा समिति के सदस्यों को यह निवेदन किया गया कि मुझे न्याय चाहिए और आरोपी रेंजर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए परंतु समिति के 3 सदस्य मुझे से बार-बार इस प्रकरण में समझौता करने की बात कर रहे थे मेरे द्वारा प्रकरण में समझौता करने से इनकार करने पर आज दिनांक 26 सितंबर 2020 को समिति की महिला सदस्य द्वारा मुझे मोबाइल पर सूचना दी गई कि आपके बयान लेना है जबकि मेरे बयान 21 सितंबर 2020 को सादे कागज पर समिति के सदस्यों ने लिए थे मेरे द्वारा नोट शीट पर बयान लिए जाने की बात कही गई थी परंतु समिति के पुरुष सदस्य विनोद तिवारी द्वारा मुझ पर यह दबाव बनाया गया कि सादे कागज पर बयान दो उसके बाद नोट शीट पर लेंगे .

मुझसे विनोद तिवारी द्वारा सादे कागज पर बयान लिए गए समिति की एक महिला सदस्य द्वारा मुझे बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया गया बार बार फोन कर मुझे समिति के समक्ष उपस्थित होने के लिए मानसिक रूप से दबाव बनाया गया सुरेंद्र सिंह राजपूत से जाँच समिति ने मोबाईल पर बयान लिए है जबकि मुझे बार बार जाँच समिति के समक्ष बुलाया जाकर प्रताड़ित किया जा रहा है मैं वैसे भी बहुत ज्यादा परेशान हो चुकी हूं क्योंकि अनुसूचित जाति जनजाति थाना प्रभारी रश्मि जैन द्वारा मुझे मानसिक रूप से वैसे भी बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया गया है अनुसूचित जाति जनजाति थाना छिंदवाड़ा में मेरे द्वारा दिए गए बयान की प्रति फाड़ कर फेंक दी गई है जिसकी पुष्टि स्वयं रश्मि जैन ने की है.

और रश्मि जैन ने मुझ पर मानसिक दबाव बनाकर दोबारा बयान लिए हैं इन बयानों में प्रकरण से संबंधित जानकारी ना होकर मेरी व्यक्तिगत जानकारी लिखी गई है इस पर मेरी सहमति नहीं है मुझे इन लोगों के द्वारा इतना अधिक प्रताड़ित किया जा रहा है कि मैं अत्यधिक परेशान हो गई हूं परिवाद जाँच समिति के 3 सदस्यों और अनुसूचित जाति जनजाति थाना की प्रभारी रश्मि जैन की कार्यप्रणाली से मैं भयभीत हो गई हूं और यह लोग मुझे मानसिक दबाव बनाकर आत्महत्या करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि मैं आत्महत्या कर लूं यदि मेरे साथ कोई घटना घटित होती है तो इसकी जवाबदारी परिवाद जांच समिति के 3 सदस्यो , अनुसूचित जाति जनजाति थाना प्रभारी रश्मि जैन एवं जिला प्रशासनिक अधिकारियों एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों डीएफओ अखिल बंसल और मुख्य वन संरक्षक आर एस कोरी की होगी इसकी शिकायत मेरे द्वारा मुख्यमंत्री सहित राष्ट्रपति महोदय प्रधान मुख्य वनसंरक्षक मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग राजयपाल महोदय ,को की गयी है
ममता भारती
सहायक ग्रेड -3
वनपरिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय पूर्व वनमंडल छिंदवाड़ा
Md ज़ाहिद खान, एडिटर इन चीफ़ 9425391823







