स्टेड डेस्क,
छिंदवाड़ा- छिंदवाड़ा वन विभाग बीते दो सप्ताह से चर्चाओं में बना हुआ है. दरअसल छिंदवाड़ा रेंज के रेंजर सुरेंद्र सिंह राजपूत पर रेंज में ही पदस्थ आदिवासी महिला कर्मचारी ने अश्लील छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. उन्होंने लिखित शिकायत में पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर और ccf को इस मामले की जानकारी देते हुए न्याय की गुहार लगाई थी. शिकायत पर समिति बना कर मामले की जांच करने के लिए टीम गठित की गई थी. लेकिन बीते दिन पीड़ित महिला ने जांच समिति पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है, साथ ही छिंदवाड़ा के ऐजेके थाना प्रभारी पर भी बयान के नाम पर प्रताड़ित करने की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री से की है. वहीं आज इस सारे मामले को मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान में लेते हुए पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा और कलेक्टर छिंदवाड़ा को पत्र जारी करते हुए मामले की जांच में हो रही लेटलतीफी पर नाराजगी जाहिर की है. आयोग के सदस्य गुरुचरण खरे ने उक्त पत्र जारी करते हुए 7 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है.

गौरतलब हो कि छिंदवाड़ा रेंजर पर यह आरोप लगाने के बाद पीड़ित आदिवासी महिला को लगातार प्रताड़ित किये जाने की बात उजागर हो रही है, स्वम पीड़िता का कहना है कि उन्हें जांच के नाम पर घंटो थाना में बिठाया जा रहा है वहीं जांच समिति के सदस्यों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है…? जिससे वे काफी परेशान हो गईं हैं..! वे कहतीं हैं कि उन्हें आत्महत्या करने पर मजबूर किया जा रहा है…?
इस संबंध में ऐजेके थाना प्रभारी एवं ccf से मोबाईल पर सम्पर्क साधा गया लेकिन बात न हो पाने के चलते उनका मत नहीं लिया जा सका है.
Md ज़ाहिद खान, एडिटर इन चीफ, 9425391823








