स्टेड डेस्क/छिंदवाड़ा- वैसे तो छिंदवाड़ा नगर निगम ग्रीन छिंदवाड़ा क्लीन छिंदवाड़ा का नारा देती है मगर निगम की कथनी और करनी में बड़ा अंतर दिखता है आमतौर पर हरे भरे वृक्षों को संरक्षण देना प्राकृतिक दृष्टि से आवश्यक है. मगर फिर भी पेड़ काटने की अतिआवश्यकता पड़ने पर नियम हैं जिसका पालन करना भी जरूरी होता है, पालन न करने पर कानूनी कार्यवाही की जाती है। पेड़ काटने से पहले यह भी देखा जाता है कि उससे कहीं कोई जनहानि तो नहीं होगी…? लेकिन निगम नियमों के पालन से मुंह फेरे हुए है। निगम के एक ऐसे ही अनोखे काम से क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है ।


नगर के मध्य स्थित आज़ाद चौक पार्क में लगे हरे भरे नीम के पेड़ को आज डालियां छटाई के नाम पर मुड़ दिया गया। जबकि नीम के पेड़ की खूबियों से हर कोई वाकिफ़ है, हर कोई चाहता है कि उसके निवास के आस पास नीम का पेड़ हो, ताकि उसे स्वछ और शुद्ध ऑक्सीजन मिल सके। वहीं यह पेड़ अनेकों स्वास्थवर्धक औषधियों से परिपूर्ण होता है। मगर निगम को इससे कोई सरोकार नहीं है?


गौरतलब हो कि वार्ड नंबर 30 में यह 1 मात्र ऐसा पार्क है जिसकी सिर्फ बाउन्ड्रीवाल निगम ने बनाया है बाकी सारा बगीचा क्षेत्रवासियों ने अपने पैसे से श्रमदान करके तैय्यार किया था। यहां लगभग 15 साल पहले अनेकों पौधे लगाए गए थे जिनमें से 1 नीम का भी पेड़ था, लेकिन आज निगम ने उसकी बड़ी बड़ी टहनियों को काट डाला। जब इस संबंध में निगम के अधिकारियों से चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि वार्ड के 1 व्यक्ति के आवेदन पर पेेेड़ की टहनियों को छांटा गया है? लेकिन टहनियों की छटाई के नाम पर बडी बड़ी शाखाओं को ही काट दिया गया…?

अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि आवेदक ने बताया था कि पेड़ एक तरफ झुक रहा है..? लेकिन पेड़ के बचे तने को देखा जाए तो स्पष्ट होता है कि पेड़ किसी भी तरफ नहीं झुका है, पेड़ का तना सीधा है. ऐसे में सवाल यह भी उढ़ता है कि आखिर पेड़ कितना पुराना है? 10 से 15 साल पुराने पेड़ से क्या किसी को कोई नुकसान हो सकता है? वो भी पार्क के अंदर लगे हुए पेड़ से???

आखिर 1 व्यक्ति के आवेदन पर निगम ने बगैर स्थल निरीक्षण रिपोर्ट बनाये कैसे पेड़ के साथ छेड़छाड़ की अनुमति दे दी? कोरोनाकाल में जहाँ साफ ऑक्सीजन और स्वछ वातावरण में रहने की आवश्यकता है ऐसे में नीम के पेड़ को मुड़ दिया जाना गैरजिम्मेदाराना कृत्य है। देखना यह है कि अब आला अधिकारी इस घोर गैरजिम्मेदाराना काम के जिम्मेदारों पर कार्रवाई करते है या नहीं…?

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