स्टेट डेस्क – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेश में 10 लाख पीएम आवास बनाए जाएंगे। इनमें 5 हजार आवास कामकाजी महिलाओं, नौकरीपेशा लोगों, औद्योगिक श्रमिकों और विद्यार्थियों को किराए पर दिए जाएंगे। इस योजना पर लगभग 50 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें 23,025 करोड़ राज्य और शेष राशि केंद्र सरकार देगी।
औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए मप्र ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति और सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 को मंजूरी मिली। ड्रोन निर्माण इकाइयों को 40% और सेमीकंडक्टर इकाइयों को 25% कैपेक्स सब्सिडी मिलेगी।
छात्रों और कामकाजी महिलाओं को किराए पर देंगे घर…
अब तक पीएम आवास योजना के तीन कंपोनेंट थे। पहला- बेनीफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन, जिसमें लाभार्थी खुद घर बनाकर सरकार से नगद राशि लेता है। दूसरा- अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप, जिसमें सरकार 1 लाख रुपए में पात्र हितग्राहियों को घर देती है। तीसरा- इंट्रेस्ट सब्सिडी स्कीम, जिसमें प्राइवेट बिल्डर से खरीदे सरकार बैंक को ब्याज घर पर सरकार सब्सिडी देती है।

इस बार अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग जोड़ा गया है। इसके तहत राज्य सरकार कामकाजी महिलाओं, औद्योगिक श्रमिकों, शहरी प्रवासियों, बेघर और विद्यार्थियों के लिए किराए के आवास बनाएगी। प्रति आवास लागत में 3,000 रुपए/वर्गमीटर केंद्र का अंश और 2,000 रुपए/वर्गमीटर राज्य का अंश होगा। अब यह योजना छोटे शहरों और कस्बों में भी लागू होगी।
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