स्टेट डेस्क/छिन्दवाड़ा- छिंदवाड़ा इन दिनों राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है। यहां लगातार कुछ ऐसे प्रसंग सामने आ रहे हैं जिससे जनता तो दो- चार हो रही है, लेकिन साथ ही विपक्ष के राजनेताओं पर भी पक्षपात पूर्ण कार्रवाई के मामले सामने आने लगे हैं। बुधवार को जुन्नारदेव विधायक सुनील उईके के परासिया स्थित मॉल के पीछे का अतिक्रमण नगर पालिका प्रशासन द्वारा तोड़ा गया। जिसको लेकर विधायक सुनील उईके ने छिंदवाड़ा में पत्रकार वार्ता की और यथा स्थिति से कलमकारों को रू-ब-रू कराया…

उन्होंने कहा कि मैं सिंधिया नहीं हूं…ना ही अमरवाड़ा हर्रई का राजा हूं… मैं आदिवासी हूं… भाजपा के दबाव में नहीं आऊंगा..! उन्होंने इस कार्रवाई को पक्षपात पूर्ण और राजनीति से प्रेरित अवैध कार्रवाई करार देते हुए कहा कि यह कार्रवाई छिंदवाड़ा सांसद के इशारे पर कलेक्टर द्वारा कराई गई है। उन्होंने कहा कि हमारे पास निर्माण से संबंधित सभी दस्तावेज मौजूद है और सभी अनुमति के साथ निर्माण किया गया है। मॉल के पीछे एक टीन शेट था उसे हमारे द्वारा हटा लिया गया है। उन्होंने कहा प्रशासन द्वारा जो आज निर्माण तोड़ा गया है वह नाले पर बनाई गई दीवार है जो की मॉल से 5 से 6 फीट दूर है। इसके बनाने के पीछे उद्देश्य यह है कि उक्त नाले के बहाव से जमीन में कटाव होता और बिल्डिंग को छती पहुंचती, इसे दृष्टिगत रखते हुए हमारे द्वारा नाले को पक्का किया गया, जबकि यह कार्य शासन प्रशासन का है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि संसद और कलेक्टर द्वेष भावपूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं। जबकि देखा जाए तो कई निर्माण कार्य अतिक्रमण में हैं, मगर इसके बावजूद भी राजनीतिक दबाव में यह कार्रवाई की गई है। विधायक ने कहा कि छिंदवाड़ा सांसद के भी कई प्रतिष्ठान हैं जो कि नियम विरुद्ध है..? उन्होंने कहा कि जल्द ही हम भाजपा के नेताओं के द्वारा किए गए अवैध निर्माण और कब्जे की पोल खोलेंगे। विधायक ने कहा कि हमारे द्वारा किसान आंदोलन किया गया था जिससे बौखला कर यह कार्रवाई की गई है। विधायक ने कहा कि भाजपा लगातार दबाव की राजनीति कर रही है…? लेकिन मैं ना तो सिंधिया हूं… और ना ही अमरवाड़ा हर्रई का राजा… मैं एक आदिवासी हूं… इनसे डरने वाला नहीं हूं। विधायक श्री उईके ने कलेक्टर पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि आदिवासी यदि अपने घर परिवार के काम से अपनी जमीन पर लगे सागौन के पेड़ काटकर, उससे होने वाली आय से शादी विवाह या अन्य काम करना चाहते हैं, तो कलेक्टर से परमिशन लेना पड़ता है और इसके लिए कलेक्टर कई सवाल कई दस्तावेज मांगते हैं और एक से डेढ़ साल लगा देते हैं..? लेकिन छिंदवाड़ा में लगभग 300 एकड़ से ज्यादा आदिवासियों की जमीन कन्वर्ट करने में कलेक्टर ने एक साल भी नहीं लगाए..?

इस पत्रकार वार्ता में मध्य प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद तिवारी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ऑक्टे सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। जिसमें उन्होंने इस कार्रवाई पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में संसद के प्रतिष्ठान भी अतिक्रमण में हैं, वहीं अन्य कई अतिक्रमण है जिससे जनता प्रभावित हो रही है लेकिन यहां कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में हम ऐसे अतिक्रमण के विरुद्ध मुखर होंगे…

KBP NEWS.IN
…जाहिद खान
9425391823

  • LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    one × 4 =