स्टेड डेस्क, छिंदवाड़ा। इन दिनों पुलिस महकमा दोहरे मोर्चे पर काम कर रहा है। कोरोना वायरस के कहर से लोगों की हिफाजत करने के साथ-साथ जरूरतमंदों को जीवन उपयोगी सामग्री भी उपलब्ध करा रहा है। लॉक डाउन के चलते मज़दूर वर्ग के साथ-साथ रोजमर्रा के कामकाज करने वाले लोगों के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। मुसीबत के दौर में पुलिस का हमदर्दी भरा चेहरा भी सामने आ रहा है।
मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत पुलिस अफसरों ने गरीब परिवारों को खानपान की सामग्री के साथ साथ जीवन उपयोगी जरूरी सामान भी उपलब्ध करवाया।
खास बात यह है कि जो पुलिस महकमा दिन रात आमजन की सुरक्षा में लगा रहता है वो आज इस मुश्किल घड़ी में जनता के लिए हर पहलू से मददगार साबित हो रहा है।
सख़्त मिजाज़ नज़र आने वाले पुलिस अफ़सर ज़रूरत मंदो के लिए फरिश्ते साबित हो रहे है। इस मुश्किल वक़्त में जब लोगो के पास मदद पहुंची तो वे भाव व्हिल हो गए।
पुलिस अफसरों के हाथों राहत सामग्री किट पाने वाले कुछ लोगो की आंखे भी भर आईं और उन्होंने खूब दुआएं भी दीं।
राहत सामग्री लेने के बाद एक वृद्धा ने बताया कि एक माह से ज़्यादा का वक़्त हो गया उनके बेटे का काम बंद है। घर में धेला भी नहीं है। इधर उधर से मिल रही मदद से खाना नसीब हो रहा है। ऐन रमज़ान के मौके पर पुलिस साहब ने मदद करके उन पर बड़ा अहसान किया है। ऐसे कई ज़रूरत मंदो ने भी अपनी आपबीती बताई।
प्रचार नहीं सेवा उद्देश्य– सबसे खास बात यह है कि पुलिस प्रशासन द्वारा लोगो तक जो भी सामग्री पहुंचाई जा रही है उसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ सेवा करना ही है। यह बात उस वक़्त प्रमाणित हो गई जब अपनी टीम के साथ शहर में राहत सामग्री बांट छिंदवाड़ा सीएसपी अशोक तिवारी ने सामान बांटते समय किसी भी किस्म की तस्वीर निकलवाने से साफ मना कर दिया।
हालाकि उनके संज्ञान में आए बिना कुछ फोटो पत्रकारों ने दूर से एक या दो फोटो लिए थे। गरीबों की मदद का पुलिस प्रशासन का ये तरीका एक सबक है उन लोगो के लिए जो खुद को मसीहा साबित करने के चक्कर में सुई की मदद करके सब्बल का ढिंढोरा पीटने से बाज नहीं आते।
रिज़वान कुरैशी, अतिथि संपादक








