देश के इतिहास में पहले कभी यह देखने और सुनने में नहीं आया कि एक कलेक्टर पद में रहते हुए महापौर बन गया हो..? और यह संभव भी नहीं है कि प्रशासनिक पद में रहते हुए कोई लोकतांत्रिक पद पर आसीन हो बैठे..? लेकिन छिंदवाड़ा एक ऐसा जिला है जहां नगर निगम छिंदवाड़ा ने यह कारनामा संभव कर दिखाया है…

स्टेड डेस्क- जी हां छिंदवाड़ा नगर निगम के मेयर,- छिंदवाड़ा कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन को बना दिया गया है.? आप को यह पढ़ कर हैरत हो रही होगी, कि आखिर एक कलेक्टर कैसे मेयर बन सकता है? हम भी चौक गए थे लेकिन यह कोई हवा-हवाई बात नहीं है बल्कि नगर निगम छिंदवाड़ा में यह उल्लेखित है..! कलेक्टर साहब अब मेयर के पद पर भी हैं.?

   

यह बात तो सभी जानते हैं कि छिंदवाड़ा नगर निगम कि परिषद को भंग हुए लंबा समय बीत गया है और निगम में अब प्रशासक बिठा दिए गए हैं। छिंदवाड़ा नगर निगम में कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन प्रशासक हैं। संवेदनशील कलेक्टर के रहते हुए निगम भी सुचारू संचालन की ओर अग्रसर है, वहीं यह भी उल्लेखनीय है कि जब से कलेक्टर श्री सुमन ने छिंदवाड़ा ज्वाइन किया है तब से छिंदवाड़ा की प्रशासनिक व्यवस्थाएं बेहतर और सुचारू हुई हैं। उन्होंने प्रशासनिक महकमे में खासी कसावट लाई है। इधर छिंदवाड़ा राजनीतिक दृष्टि से भी काफी संवेदनशील है ऐसे में कलेक्टर श्री सुमन का कामकाज काबिले तारीफ है। मगर नगर निगम छिंदवाड़ा में अजब गजब कारनामे करने का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है.? कहीं वे व्यापारियों को लाभ पहुंचाने पार्क की रेलिंग तोड़ देते हैं! तो कहीं छूटभैया नेताओं को खुश करने हरे भरे वृक्षों की बलि चढ़ा देते हैं? और घटिया निर्माण के बारे में तो आप पूछे ही ना,..! लेकिन यह तो चल ही रहा था कि अब एक बड़ी असामान्य त्रुटि सामने आई है जहां नगर निगम की वेबसाइट में कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन को मेयर बता दिया गया है.?


नगर निगम की वेबसाइट www.chhindwaranagarnigam.com को जैसे ही आप खोलते हैं तो आपको मेयर और पार्षदों की सूची मैं यह बड़ी त्रुटि दिखाई देगी। जिसमें मेयर कलेक्टर श्री सुमन को दर्शाया गया है उनके नीचे निगम के सभापतिओं की सूची है बीते कई दिनों से निगम की वेबसाइट में यही जानकारी परोसी जा रही है।

नींद से जागो साहब-थोड़ा काम भी कर लो…
सरकार की मंशा अनुरूप जनता की सुविधा और जानकारी का सटीक आदान-प्रदान के लिए लगभग सभी विभागों का डिजिटल वेब बनाया गया है। ताकि इसके माध्यम से विभाग की लगभग सभी जानकारी ऑनलाइन मुहैया की जा सके। नगर निगम की वेबसाइट बीते कई दिनों से कलेक्टर श्री सुमन को मेयर बता रही है मगर इसके अपडेट करने पर निगम के किसी अधिकारी का ध्यान अब तक नहीं गया। इससे यह साबित होता है कि जिम्मेदार साहब की नींद काफी गहरी है और वे नींद से अब तक जागे नहीं है..? स्वभाविक ही बात है यदि नींद में रहेंगे तो काम क्या करेंगे..?

इतनी बड़ी गलती-मगर नज़रअंदाज है..?

यह सोचने वाली बात है कि मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे से भी पूछा जाएगा की कलेक्टर और मेयर में क्या अंतर है..? तो वह स्कूल का बच्चा बता देगा कि कलेक्टर एक प्रशासनिक पद है और मेयर यानि महापौर लोकतांत्रिक तरीके से जनता के द्वारा चुना हुआ पद है। तो अब सवाल यह उठता है कि यह बात निगम के जिम्मेदार अधिकारी के ज्ञान में क्यों नहीं है..? और अगर है तो, इतनी बड़ी गलती कैसे हुई.? और अगर गलती हो भी गई है तो, लंबे समय से इस गलती को सुधारा क्यों नहीं गया है.? वेबसाइट अपडेट क्यों नहीं हुई है.? इतनी बड़ी गलती को नजरअंदाज रखना, जिम्मेदार अधिकारी की काबिलियत पर भी शक पैदा करता है.! साथ ही निगम में किस तरह लापरवाही का दौर चल रहा है यह भी साफ होता है..?

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