ज़ाहिद खान, एडिटर इन चीफ़
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सेन्ट्रल डेस्क- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ किसानों और गरीबों को साहूकारों से छुटकारा दिलाने की बात पूर्व में कई बार कर चुके हैं जिसमें मुख्यमंत्री की मंशा है कि साहूकारों द्वारा किसानों और गरीबों को जिस तरह से लूटा जा रहा है वह बंद हो, लेकिन बातें तो बातें ही हैं? इससे पहले की इस पर शासन कोई नीति बना पाता, इसके विपरीत मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही साहूकारों से प्रताड़ित होकर किसानों ने आत्मदाह करने करने का मन बना लिया है। जहां साहूकारों ने धरतीपुत्रों को इतना प्रताड़ित किया है कि वे अपनी ईहलीला समाप्त करने को मजबूर हो गए हैं। यहां साहूकारों ने किसानों की गिरवी जमीन को ही अपने नाम करा लिया है।
दरअसल मामला छिंदवाड़ा के चांद तहसील का है इस तहसील के अंतर्गत सुनारी मोहगांव के लगभग दर्जन भर से ज्यादा किसान अपनी पैतृक भूमि को वापस लेने के लिए, बीते लंबे समय से शासन प्रशासन की चौखट दर चौखट आवेदन निवेदन कर रहे हैं लेकिन इसके बाद भी प्रशासन साहूकारों पर कार्यवाही करने से पीछे हट रहा है। स्थिति यह हो गई है कि ग्रामीण किसानों ने आज छिंदवाड़ा मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के माध्यम से मुख्यमंत्री कमलनाथ को ज्ञापन प्रेषित किया है। जिसमें किसानों ने गांव के ही दो साहूकारों पर आरोप लगाया है कि श्रीराम रघुवंशी और संदीप रघुवंशी ने मिलकर हम किसानों की पैतृक जमीन हथिया ली है और फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा ली गई है। किसानों का आरोप है कि थाना में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद भी पुलिस कार्यवाही करने से गुरेज कर रही है। पीड़ित किसान जयंती बाई, राजेंद्र डेहरिया, श्याम खड़िया, ज्ञानचंद वानखेडे, शिव हरी वानखेडे, शिवनारायण वानखेडे ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उक्त दोनों दबंग साहूकारों द्वारा पुलिस में शिकायत करने पर हम लोगों के साथ मारपीट की गई। इस मारपीट में राजेश डेहरिया नामक किसान की मृत्यु भी हो गई है। मगर इसके बाद भी पुलिस कार्यवाही करने से बच रही है । उन्होंने बताया कि हम किसानों पर भी दबंग साहूकारों द्वारा पुलिस में ना जाने और शिकायत ना करने का दबाव बनाया जा रहा है। दबंग साहूकार हमें डरा धमका रहे हैं कि उनके विरुद्ध पुलिस में की गई शिकायत वापस लें।
… तो करेंगे सामूहिक आत्मदाह, जिम्मेदार होगा शासन प्रशासन– इधर पीड़ित किसानों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि यदि प्रशासन और शासन उनकी जमीन वापस नहीं दिलाता है और दबंग साहूकारों पर कार्यवाही नहीं करता है तो वह लोग 20 फरवरी को मिट्टी का तेल डालकर सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे। जिसकी सभी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
इन किसानों की जमीन पर साहूकार ने किया कब्जा – पीड़ित किसानों ने जानकारी देते हुए बताया कि दबंग साहूकार श्रीराम रघुवंशी और संदीप रघुवंशी द्वारा जितनी भी जमीन हड़पी गई है वे सभी जमीने एसटी एससी लोगों की है । उन्होंने बताया कि सभी जमीने पैतृक हैं जिसमें पीड़ित किसान श्याम खड़िया आदिवासी की 11 एकड़ भूमि पर कब्जा किया गया है वहीं राजेश डेहरिया की 7 एकड़ जमीन हथियाई गई है (यह वही किसान हैं जिसके साथ साहूकारों ने मारपीट की थी और इस मारपीट से घायल होकर इस किसान की मौत हो गई थी) तीसरा किसान ज्ञानचंद वानखेडे है जिसकी 29 एकड़, किसान मुन्ना की 3 एकड़ एवं अन्य कई किसान हैं जिनकी खेतिहर जमीन दबंगों ने छीन ली है।
गेंद अब सी.एम. के पाले में– बाहरहाल मामला अब मुख्यमंत्री कमलनाथ के पाले में है जिसके बाद किसानों को राहत की उम्मीद जागी है। सौंपा गया ज्ञापन कलेक्टर और एसपी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया है। लेकिन समय रहते यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में नहीं आया तो कल यानी 20 फरवरी को किसान आत्मदाह करने पर उतारू हो जाएंगे।
विपक्ष भुनेगा मुद्दे को– गौरतलब हो कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा में दो दिवसीय दौरे पर हैं । वे 20 और 21 फरवरी को छिंदवाड़ा में ही रहेंगे। इस दौरान छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ सहित अन्य मंत्री भी छिंदवाड़ा प्रवास पर हैं। ऐसी स्थिति में यदि किसान कोई स्टेप उठाते हैं तो यह एक गंभीर मामला हो सकता है। क्योंकि छिंदवाड़ा मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के नाते विपक्ष को एक और मुद्दा बैठे-बिठाए मिल जाएगा । वैसे भी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान छिंदवाड़ा पर अपनी निगाहें तिरछी किए हुए हैं!








