ज़ाहिद खान, एडिटर इन चीफ़ 9425391823
स्टेड डेस्क– मध्यप्रेदश हस्तशिल्प व हथकरघा विकास निगम लिमिटेड के कमिश्नर राजीव शर्मा हाथकरघा क्लस्टर प्रवास के तहत सौसर पहुचे जहा बुनकरों की कार्यपद्धति और बुनकरों द्वारा बनाये गए वस्त्रों का अवलोकन उनके द्वारा किया गया साथ ही, बुनकरों को विभिन्न प्रकार के वस्त्रों के निर्माण के लिए नए टेक्नोलॉजी की मशीनों के प्रशिक्षण की बात कही व जल्द ही सौसर सिल्क के नाम से सौसर में बने कपड़ो की ब्रांडिंग की बात कही
बुनकरों को कमिश्नर ने विभिन्न योजनाओ की जानकारी दी और कहा कि देश की विभिन्न राष्ट्रीय फैशन प्रोधोगिकी,नेशनल इंस्टूयूट ऑफ डिजाइन, आई आई एम जैसे प्रतिष्ठानो में बुनकरों के बच्चों के लिए कुछ सीटे आरक्षित है इसमें बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करे जिससे नई सोच का फायदा बुनकरों को मिल सके साथ ही कहा कि संत रविदास हस्तशिल्प निगम व हथकरघा निगम द्वारा छिंदवाडा व नागपुर में मृगनयनी शोरूम की स्थापना की जाएंगी जसमे सौसर में होनेवाले कपड़े के उत्पादों का विक्रय किया जाएगा इसलिए उत्कृष्ट डिजाइन व वस्त्रों का निर्माण हो ताकि एक प्रेटर्न निर्धारित हो व उसकी ब्रांडिंग की जा सकेंगी,साथ ही कुछ माह में लंदन में एक हथकरघा के फेस्टिवल में सौसर सिल्क के वस्त्र भी बेचे जाएंगे। वही सौसर के बुनकर परिवारों ने अपनी समस्याओ को लेकर ज्ञापन दिया जिसमें हाथकरघा व सहायक उपकरणों पर लगने वाले 18 प्रतिशत gst व धागे पर लगने वाले 5 प्रतिशत gst को समाप्त करने व बुजुर्ग बुनकरों को 2500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की मांग की… जिसपर कमिश्नर ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे प्रयास करेंगे।








