स्टेट डेस्क – ग्राम पंचायत तुमड़ा थाना साईंखेड़ा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे गांव को आश्चर्यचकित कर दिया। यहां पेड़ा बाई पति विष्णु सिंह किरार पटेल उम्र 78 वर्ष को नरसिंहपुर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने कहा इनकी सांसे नहीं चल रही हैं, उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ेगा। इसके बाद परिजन उन्हें घर ले आए और मृत समझकर अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी।

परिवार ने गांव व रिश्तेदारों को सूचना देकर अंतिम यात्रा की व्यवस्था की। जब उन्हें बांस की सैव्या पर रखकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था, तभी अचानक पेड़ा बाई की सांसें चलने लगीं। यह देखकर मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए। कुछ ही देर में परिजनों ने नब्ज जांची और उन्हें जीवित पाकर खुशी से झूम उठे। यह घटना गांव में चर्चा का विषय बन गई। परिजन अब उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं और आगे की चिकित्सा जांच कराने की योजना बना रहे हैं। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक मरीज को एक झटका आया और उनकी सांसें थम गई थी, ऑक्सीजन की जरूरत थी। लेकिन उनके परिजनों ने मना कर दिया और अपनी मर्जी से घर लेकर चले गए।

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

मेडिकल कॉलेज जबलपुर में सिहोरा निवासी एक 66 वर्षीय बुजुर्ग को 26 जनवरी की रात उपचार के लिए लाया गया था। यहां पर बुजुर्ग को सर्जरी विभाग के छात्रों ने मृत घोषित कर परिजनों को पीएम की पर्ची थमा दी थी। पीएम के लिए ले जाते समय बुजुर्ग की सांस चलती हुई परिजनों ने देखी। इसके बाद वापस बुजुर्ग को सर्जिकल आईसीयू में उपचार के लिए भर्ती किया गया है।

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