स्टेट डेस्क/भोपाल – गुजरात में हुए पुल हादसे के बाद मप्र के 30 से 40 साल पुराने सभी ब्रिजों का दोबारा निरीक्षण होगा। यह जानकारी पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि पुराने ब्रिजों की जांच के आदेश पहले से हैं। हर साल जून और दिसंबर में इनका निरीक्षण होता है। अब सभी का दोबारा निरीक्षण करवाया जाएगा और जरूरी सुधार कराए जाएंगे।

मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन ब्रिजों की भी जांच कराई जाएगी। पीडब्ल्यूडी के सभी निर्माणाधीन ब्रिजों की रिपोर्ट मंगाई जाएगी। इसके लिए कमेटी बनेगी। जहां खामी मिलेगी, वहां एक्सपर्ट द्वारा तुरंत सुधार होगा। इंदौर ब्रिज को लेकर उन्होंने कहा कि वह जेड आकार का नहीं है। उसमें तीन आर्म हैं और वह 114 डिग्री का है। टर्निंग रेडियस 20 मीटर है, जो सेफ्टी मानकों में है। भोपाल के ऐशबाग ओवरब्रिज में तकनीकी गड़बड़ी पाई गई। इस पर अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। सुधार का काम जारी है। गौर हो कि मध्यप्रदेश में 375 पुराने और 1200 निर्माणाधीन पुल हैं।
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…जाहिद खान
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