स्टेट डेस्क छिन्दवाड़ा- रमजान, सेवा समर्पण और सब्र का एक ऐसा महीना जिसमें मानवता की एक अनोखी ही मिसाल मिलती है… ऐसे में जहां बड़े बुजुर्ग जवान रोज़ा, नमाज और तराबीह की नमाज में लगे रहते हैं, तो वहीं इस समर्पण त्याग और सब्र की श्रृंखला में मासूम नन्हे बच्चे भी पीछे नहीं है। एक ऐसा ही उदाहरण छिंदवाड़ा के हुसैन नगर क्षेत्र से सामने आया है जहां 6 साल की नन्ही बच्ची ने जीवन का पहला रोजा मुकम्मल किया।
छिंदवाड़ा के हुसैन निवासी आयरा बेग, जो इरफान भाई (फ्रूट मर्चेंट) की भतीजी और अबरार भाई (जीके ऑटो पार्ट्स) की बेटी हैं, जिसने महज़ 6 साल की उम्र में अपना पहला रोज़ा रखा। छोटी सी उम्र में आयरा के इस जज़्बे और धार्मिक लगन को देखकर परिवार और आसपास के लोग बेहद खुश और गर्व महसूस कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि आयरा ने पूरे उत्साह और खुशी के साथ रोज़ा रखा और दिनभर धैर्य बनाए रखा। शाम को इफ्तार के समय घर में खास माहौल रहा, जहां सभी ने आयरा को दुआएं दीं और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नन्हीं आयरा की इस पहल को इलाके में सराहा जा रहा है और यह छोटे बच्चों के लिए भी एक प्रेरणा बन रही है।
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…जाहिद खान
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