ज़ाहिद खान, एडिटर इन चीफ़ 9425391823
स्टेड डेस्क– भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राकेश सिंह का छिंदवाड़ा दौरे के कई मायने निकलते हैं उनके इस एक दिवसीय दौरे में उन्होंने मोदी सरकार के उल्लेखनीय और ऐतिहासिक निर्णयों की जानकारी पत्रकारों को दी, तो वहीं उन्होंने मध्य प्रदेश में पूर्व कांग्रेस सरकार कि नाकामयाबीयों के किस्से सुनाते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा. लेकिन इन सबके बीच 3 दिन पहले भाजपा के राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी का छिंदवाड़ा आगमन होना और 2 दिन बाद भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह का छिंदवाड़ा आना, राजनीतिक दृष्टिकोण से भी मायने रखता है? दरअसल छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में लंबे समय से कांग्रेस जीत दर्ज करती आ रही है इसलिए छिंदवाड़ा को कांग्रेस और कमलनाथ का गढ़ कहा जाता है. ऐसे में अब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की तिरछी नजर छिंदवाड़ा पर है. माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश के नक्शे में छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र को भी भगवा रंग से रंगे जाने की तैयारियों के चलते ही दिग्गजों के दौरे चल रहे हैं! निश्चित रूप से राकेश सिंह भारतीय जनता पार्टी में एक बड़ा नाम है दिग्गजों के गढ़ को ढहाने के लिए संभवतः राकेश सिंह जैसे बड़े लीडर को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है…? गौर करने वाली बात यह है कि छिंदवाड़ा भाजपा में लंबे समय से दिग्गज चेहरे की कमी खल रही है और इसी कमी का नतीजा है कि छिंदवाड़ा कांग्रेस का गढ़ बना हुआ है…? अब देखना यह है कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व, छिंदवाड़ा को यूं ही छोड़ देता है या फिर छिंदवाड़ा वासियों को एक दिग्गज चेहरे का तोहफा देता है…?
बाहरहाल आइए हम आपको राकेश सिंह की पत्रकार वार्ता के वह अंश पढ़ाते हैं जिसमें उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा राजनीति पर दुख जताया और इसके विपरीत मोदी सरकार-2 के 1 वर्ष के कार्यकाल पर ऐतिहासिक खुशी ज़ाहिर की…
छिंदवाड़ा- देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यूँ तो पूरे 6 वर्ष का कार्यकाल स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा, लेकिन मोदी सरकार 2 ने प्रथम वर्ष में वो कर दिखाया जो पिछले 70 वर्षों से कोई नहीं कर पाया। मोदी सरकार ने नामुमकिन से लगने वाले सारे कार्य करके सारे मिथक तोड़ दिए। उन्होंने कहा कि इस बात का दुख है।भाजपा सेवा कार्यो में लगी रही वही कांग्रेस इसका राजनैतिक लाभ लेने में लगी रही।कांग्रेस ने असफल सरकार को बचाने की असफल कोशिश की। इसके बाद कांग्रेस को जनता माकूल जवाब देगी। उक्त उद्गार भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और सांसद राकेश सिंह ने छिंदवाड़ा में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहे।

राकेश सिंह ने कहा कि भविष्य में भारत का इतिहास लिखा जाएगा तो श्री मोदी के पहले 6 साल स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे। दूसरे कार्यकाल में एक साल में हुए ऐतिहासिक निर्णय से नया इतिहास गढ़ा जाएगा। मोदी सरकार ने जितने भी वायदे चुनाव के पहले किए थे उन्हें संकल्प पत्र मानते हुए उनमें से एक-एक वायदे को पूरा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के साथ ही कश्मीर बड़ा मुद्दा रहा है। डॉक्टर श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने सरकार से इस्तीफा देकर एक देश मे दो विधान का विरोध किया था। वे नहीं होते तो हमें कश्मीर जाने के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता होती। धारा370 और 35 ए की समाप्ति से तय हुआ कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इसके साथ ही हमारे अनुसूचित जाति के लोगों को कश्मीर में वोट का अधिकार मिला। लगभग 5 लाख कश्मीर के नागरिकों का वापसी का रास्ता खुला। देश की आजादी से अभी तक पाकिस्तान ,बांग्लादेश अफगानिस्तान में धर्म के नाम पर सताए जा रहे वहां के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की बात महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल ने भी की थी, लेकिन वोट बैंक की राजनीति के कारण ये नहीं हो पाया। ये हमारे संकल्प पत्र में था तो हमने इसे कानून बनाकर पूरा किया। भारत में तीन तलाक के तीन शब्द उनके जीवन को नरक बना रहे थे। मोदी सरकार ने तय किया कि तीन शब्द कहकर अब कोई भी किसी भी बहन बेटी का जीवन बर्बाद नहीं कर सकता।
श्री सिंह ने कहा कि भगवान राम हमारी आस्था के केंद्र थे है और रहेंगे। सभी का सपना था कि राम मंदिर बने। कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के कारण मंदिर बनने से रोकती रही। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। सरकार ने देश की सीमाएं सुरक्षित करने हर मुद्दों को छुआ है। सरकार के निर्देश लागू करने में चीफ ऑफ डिफेंस की स्थापना हुई। आर्थिक सुधारों की श्रृंखला में वैश्विक मंदी के बावजूद भारत ने तमाम सुधार किये। आरक्षण को लेकर तमाम तरह की बातें सामने आती रही। माँग उठती थी कि गरीब की कोई जाति नहीं होती। गरीब के बेटे बेटियों को लाभ दिलाने मोदी जी की सरकार ने हिम्मत दिखाई और 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की। शिक्षण संस्थाओं से लेकर नोकरियों में लाभ मिला। फ़ूड सिक्युरिटी के तहत 5 किलो गेंहू, 5 किलो चावल मुफ्त दिया। बिना राशन कार्ड वालों को 10 किलो अनाज, 8 करोड़ लोगों को गैस, बुजुर्गों को 1 हजार की आर्थिक सहायता दी। अन्य व्यवस्थाए मोदीजी की सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज से किया।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी,पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि कुटीर उद्योग स्थापित हो। किसान स्वावलम्बी हो, तो मोदी जी ने स्वावलम्बी भारत की घोषणा की। फुटकर व्यापारियों को 10 हजार की आर्थिक सहायता दी । कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए भी प्रयास किये। एक देश एक राशन कार्ड को भारत में लागू किया। 23 राज्यों में 67 करोड़ लाभार्थियों को राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी के तहत कवर कर लिया जाएगा। अलग-अलग योजनाओं के तहत आवासीय परियोजनाओं को पूरी करने 25 हजार करोड़ के वैकल्पिक निवेश कोष की घोषणा। उन्होंने आगे कहा कि हम ये भी जानते है कि संकट के समय के लिए प्रवासी मज़दूरों को मदद की आवश्यकता है। मजदूरों के लिए मनरेगा के कार्यो का विस्तार 40 हजार करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई। महिलाओं को जनधन की राशि दी। कोरोना के कारण दुनिया मे हाहाकार मचा है। लेकिन नेतृत्व मजबूत हो तो बड़ी बड़ी से समस्या से निपटा जा सकता है। पूरे संकटकाल में भाजपा कार्यकर्ता ने सर्वश्रेष्ठ कार्य किये। लगभग 5 करोड़ लोगों को भोजन का पैकेट के मुक़ाबले 19 करोड़ 28 लाख पैकेट की व्यवस्था की। 4 करोड़ 86 लाख राशन किट बाटे। लॉकडाउन से लाभान्वित होने वाले गरीबो को तात्कालिक मदद के लिए कार्यकर्ताओ ने राहत अभियान में भाग लिया। 13 हजार 7 मंडलों में सेवा कार्य किये। साढ़े 4 लाख से अधिक कार्यकर्ताओ ने बीमारों और बुजुर्गों की देखभाल बीड़ा उठाया। कोरोना वारियर्स को धन्यवाद देने भाजपा कार्यकर्ताओ ने हस्ताक्षर अभियान चलाया।
जिलाध्यक्ष विवेक बंटी साहूजी ,प्रदेश मंत्री कन्हईराम रघुवंशीजी ,पूर्व मंत्री चैधरी चंद्रभान सिंहजी ,पंडित रमेश दुबेजी ,रमेश पोफलीजी ,दौलतसिंह ठाकुरजी ,नाना मोहोड़जी ,नत्थनशाहजी ,ताराचंद बावरिया जी, आशीष ठाकुरजी , शेषराव यादव, विजय झांझरी, श्रीमती कांता सदारंग, श्रीमती कांता ठाकुर, अनुज पाटकर, परमजीत विज, धर्मेन्द्र मिगलानी, तरूण मल्होत्रा, संजय अग्रवाल, टीकाराम चन्द्रवंशी,संदीपसिंह चौहान रोहित पोफली, अंकुर शुक्ला, शिव मालवी, ठाकुर प्रियवर सिंह, विजय पांडे, संतोष राय, अभिलाष गोहर, अरविंद राजपूत, प्रीति बिसेन, संध्या चौरसिया, भारती साहू, कमलेश उईके, ज्योति धुर्वे, जितेन्द्र राय, दिनेशकांत मालवीय, मनोज चौरे, राजेश बैस उपस्थित थे।









