Md. ज़ाहिद खान
एडिटर इन चीफ़,
9425391823

स्टेड डेस्क मप्र- शिवराज सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आकर्षक और जनउपयोगी घोषणा की शुरुआत हो गई है! इस बार पहल करने में शिवराज के वन मंत्री विजय शाह ने बाजी मारी है, वन मंत्री ने एक सादे समारोह में यह घोषणा की है कि अब प्रदेश में वन विभाग के किसी भी कार्यक्रम में पुष्पमाला या गुलदस्ते का इस्तेमाल स्वागत में नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह घोषणा खंडवा में एक कार्यक्रम के दौरान की है। उन्होंने कहा कि पुष्पमाला या गुलदस्ता महंगा होता है जिसका स्वागत के बाद कोई उपयोग नहीं होता लोग इसे कचरे में फेंक देते हैं।

वन मंत्री विजय शाह ने पर्यावरण को प्रमोट करते हुए यह घोषणा की है कि अब मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के किसी भी कार्यक्रम में पुष्प गुच्छ, पुष्पमाला, का इस्तेमाल स्वागत में नहीं किया जाएगा। मंत्री श्री शाह ने कहा कि इसकी जगह एक पौधा स्वागत में दिया जाए। उन्होंने कहा कि फलदार पौधे, फूलों वाले पौधे, और ऑक्सीजन प्रदान करने वाले पौधे स्वागत में दिए जाएं, ताकि पर्यावरण में सुधार हो। उन्होंने कहा कि हम खंडवा को एक हाईटेक नर्सरी दे रहे हैं उन्होंने उपस्थित नागरिकों से भी आग्रह किया है कि बर्थडे, शादी, पार्टी, सालगिरह एवं अन्य कार्यक्रमों में भी पौधे उपहार में दें। इसका लाभ हमें तो होगा ही साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी फायदा होगा और हम पर्यावरण को बचा पाएंगे, तभी हम अच्छे नागरिक और अच्छे मंत्री बन पाएंगे…!

बाहरहाल वन मंत्री विजय शाह की यह घोषणा निश्चित रूप से पर्यावरण के लिए जरूरी है वन मंत्री श्री शाह का यह कदम सराहनीय और प्रशंसनीय भी है। इसी तरह यदि अन्य मंत्री भी अपने विभागों के कार्यक्रमों में इस नियम को लागू कर दें तो इसके सकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेगा। क्योंकि विश्व में इस समय पर्यावरण संरक्षण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, साथ ही बाघों के प्रदेश मध्यप्रदेश में भी वन संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण भी एक चुनौती है। यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि लगातार वनों की अवैध कटाई जारी है ऐसे में वन मंत्री का ध्यानाकर्षण वनों की अवैध कटाई पर भी होना जरूरी है…? तभी हम पर्यावरण संरक्षण के स्वप्न को सफलतापूर्वक साकार कर पाएंगे…?

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