स्टेट डेस्क/छिंदवाड़ा – सूफी संतों के दरबार में अकीदतमंद खाली झोली लेकर आते हैं और मुरादों से झोलियां भर कर जाते हैं। अनेकता में एकता के रंग से सजे सूफी संतों के दरबार में होने वाले विभिन्न आयोजन अपने आप में मानव समाज के उत्थान की अनोखी मिसाल है। आपने दरगाहों में अमूमन उर्स के मौके पर कव्वाली जैसे कई आयोजन देखे ही होंगे। लेकिन इसके साथ ही सामूहिक विवाह (निकाह) का आयोजन शायद ही देखा हो…? हम आज आपको मध्यप्रदेश की एक ऐसी दरगाह से बावस्ता कराने वाले हैं, जहां देश के बहुत ही मशहूर और मारूफ, आला दर्जे पर फाइज़ अल्लाह के वली आराम फरमा हैं। जिनके दर पर हर साल उर्स मुबारक के मौके पर निःशुल्क सामूहिक विवाह (निकाह) का भव्य आयोजन किया जाता है पूरे रीति रिवाज के साथ सामूहिक बारात निकाली जाती है, जो की शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए विवाह स्थल पर पहुंचती है जहां भव्य शामियाने में निकाह पढ़ाया जाता है। जिसके बाद दूल्हा दुल्हन पर होती है उपहारों की बरसात…!
हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के उस जिले की, जिसे शांति का टापू कहा जाता है। जी हां बात हो रही है छिंदवाड़ा की, और छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय में स्थित भैय्याजी की दरगाह की… यहां हर साल की तरह इस साल भी हज़रत मख़दूम भैय्याजी अताउल्लाह शाह र. अ. की दरगाह में 1 सौ 1 वा सालाना उर्स मुबारक का आयोजन आगामी 10 जून से मिलाद शरीफ और परचम कुशाई के साथ शुरू हो रहा है। उर्स मुबारक के मौके पर इस दिन पूरे दिन खतना का आयोजन किया गया है। वहीं अगले दिन यानि 11 जून को निःशुल्क सामूहिक विवाह (शरई इजतेमाई निकाह) का आयोजन होगा। जिसमे बड़ी संख्या में तय शुदा जोड़ों का निकाह पढ़ाया जाएगा। इस आयोजन की खासियत यह है कि इसमें निकाह करने वाले दूल्हा हो या दुल्हन, किसी को भी कोई खर्चा नहीं करना पड़ता। दरगाह उर्स कमेटी द्वारा नवविवाहित जोड़ों को शादी के कपड़े सहित अन्य कई सामग्री उपहार स्वरूप दी जाती है, तो वहीं अन्य लोगों द्वारा कई उपहार सभी नवविवाहित जोड़ों को दिए जाते हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि उक्त आयोजन पूरी तरह से निःशुल्क होता है जिसमे किसी भी किस्म का कोई पैसा लड़का या लड़की पक्ष को नहीं नहीं देना पड़ता। उक्त जानकारी देते हुए उर्स कमेटी के सदर हाजी जमालुद्दीन लालसाहब ने बताया कि गरीब हो या अमीर, हर कोई इस शरई इजतेमाई निकाह में शादी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि निकाह के लिए दरगाह से निकाह फार्म भरवाए जा रहे हैं, जिसकी आखरी तारीख 1 जून है। उन्होंने बताया कि निकाह के लिए अहम दस्तावेज और कानूनी नियमो का प्राथमिकता से पालन कराया जाता है। अधिक जानकारी के लिए दरगाह सदर के मोबाइल नंबर 9300410446, या 7747932876 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उर्स मुबारक के अन्य आयोजनों में 12 जून को कव्वाली का आयोजन होगा और 13 जून को रंगे महफ़िल के साथ कुल की फातिहा होगी…
निकाह के लिए नियम और शर्तें-
- तय शुदा जोड़ो का ही निकाह किया जायेगा जो कानूनन बालिग हो ।
- तय शुदा दुल्हा-दुल्हन की मार्कशीट की छाया प्रति, या परिचय पत्र, आधार कार्ड,
- 4 फोटे पासपोर्ट साईज में बालिद – वालदैन का हलफनाम जो नोटरी द्वारा सत्यापित हो ।
- जिनकी तलाक होकर दुसरा निकाह हो तो वो तलाक नामा पेश करें।
नोट- निकाह का फार्म हजरत भैय्याजी अताउल्लाह शाह र.अ. की दरगाह से हासिल कर सकते हैं। फार्म भरकर मय दस्तावेजों के साथ जमा करने की आखरी तारीख 01 जून 2024 शाम 5 बजे तक है।
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… जाहिद खान (संपादक)
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